Sunday, 29 September 2013

भारत-अमेरिका ने किया असैन्य परमाणु ऊर्जा का पहला वाणिज्यिक समझौता

भारत और अमेरिका के बीच असैन्य परमाणु समझौता के करीब पांच साल बाद दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु ऊर्जा सहयोग का पहला वाणिज्यिक समझौता हुआ है। भारत के परमाणु दायित्व कानून की वजह से इस दिशा में प्रगति रुकी हुई थी।

अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ व्हाइट हाउस स्थित ओवल ऑफिस में बैठक के बाद इस समझौते की घोषणा की। ओबामा ने कहा असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में हमने काफी प्रगति की है। वास्तविकता यह है कि पिछले कुछ दिनों में एक अमेरिकी कंपनी और भारतीय कंपनी  के बीच इस क्षेत्र में पहला वाणिज्यिक समझौता करने में सफलता मिली हैं।

बाद में एक संयुक्त घोषणा में दोनों नेताओं ने इस बात पर गौर किया कि सरकार से सरकार के बीच सहयोग के मामले में सहमत प्रक्रिया पर भारत की परमाणु क्षेत्र की संचालक कंपनी भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम (एनपीसीआईएल) और अमेरिका की वेस्टिंगहाउस इस दिशा में काम कर रही है।

व्हाइट हाउस द्वारा जारी स्पष्टीकरण के मुताबिक इस समझौते से भारत को एपी-1000 परमाणु रीएक्टर प्रौद्योगिकी का लाइसेंस देने की दिशा में पहल होगी। घोषणापत्र में गौर किया गया कि भारत सरकार गुजरात और आंध्र प्रदेश में अमेरिकी परमाणु प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते हुये परमाणु ऊर्जा संयंत्र विकसित करने की योजना बना रही है। इसके मद्देनजर दोनों सरकारों ने संयंत्रों की प्रशासनिक व्यवस्था के मुद्दे पर बातचीत जल्द से जल्द पूरा करने का फैसला किया है।

sabhar-http://www.livehindustan.com/news/business/businessnews/article1-india-america-atomic-45-45-366695.html

1 comment:

  1. Goyal Energy Solution (GES) is a leading name in the coal trading, coal mines, steel grade coal in north east India.

    Coal India














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