Monday, 30 May 2011

हमें परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाने से पहले सोचना चाहिए...


                       जब जापान जैसा देश अपने परमाणु ऊर्जा संयंत्रों को सुरक्षित नहीं रख पा रहा है तो ऐसे में भारत को भी देश में परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाने से पहले सोचना चाहिए। देश में हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, आन्ध्र प्रदेश व तमिलनाडु में 6 न्यूक्लियर प्लांट स्थापित होने हैं। जैंतापुर (महाराष्ट्र) में 10 हजार मेगावाट क्षमता का दुनिया का सबसे बड़ा न्यूक्लियर प्लांट लगने जा रहा है। भूकंप व सुनामी की लगातार बढ़ रही घटनाओं के चलते विश्व के किसी भी देश के न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट सुरक्षित नहीं हैं।
                          हरियाणा के फतेहाबाद क्षेत्र में न्यूक्लियर प्लांट के विरोध में पिछले 2२0 दिनों से आंदोलन चलाया जा रहा है। महाराष्ट्र के तारापुर क्षेत्र में चल रहे न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट के दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। इस क्षेत्र में जहां लोग बड़े पैमाने पर कैंसर व बांझपन के शिकार हो रहे हैं। जापान के फुकुशिमा दाइची में परमाणु संयंत्र चला रही कंपनी भी भारत में परमाणु संयंत्र स्थापित कर रही है। ऐसे में जब यह कंपनी जापान में अपने संयंत्र को सुरक्षित नहीं रख पा रही है तो वह भारत में संयंत्र  की सुरक्षा की क्या गारंटी दे पाएगी। 
                       हमें ऊर्चा के वैकल्पिक माध्यम सूरज की रोशनी, हवा व पानी तथा समुद्र की लहरों से बनने वाली बिजली की ओर भी ध्यान देना होगा। वर्तमान में देश में 3 फीसदी बिजली न्यूक्लियर से प्राप्त हो रही है। यदि देश में 6 और न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट स्थापित हो जाते हैं तो इससे परमाणु बिजली उत्पादन का प्रतिशत 3 से बढक़र 7 फीसदी तक पहुंच जाएगा। इससे बिजली उत्पादन में बहुत ज्यादा फर्क पडऩे वाला नहीं है। ऐसे में हमें वैकल्पिक ऊर्जा के दूसरे माध्मयों पर ज्यादा ध्यान देने की जरुरत है।

  • महाराष्ट्र के रत्नागिरी ज़िले में जैतापुर में प्रस्तावित परमाणु संयंत्र के ख़िलाफ़ प्रदर्शन देशभर में फैलते जा रहे हैं 
  • दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि देशभर में तमाम प्रस्तावित परमाणु संयंत्रों को निरस्त किया जाए
  • भारत सरकार ने जैतापुर परमाणु संयंत्र का ठेका फ़्रांसीसी कंपनी अरेवा को केवल इसलिए दिया है क्योंकि फ़्रांस ने न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी में भारत के मदद की थी. जिस तरह का संयंत्र यहाँ लगाने की योजना है उसे फ़्रांस तक में मंज़ूरी नहीं दी गई है.
      
  • रूस और जापान की न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट त्रासदी 
  •  हाल  ही  में जर्मनी की गठबंधन सरकार ने फ़ैसला किया है कि वह देश के सभी परमाणु ऊर्जा केंद्र वर्ष 2022 तक बंद कर देगी
  • जापान में भूकंप और सुनामी के बाद फ़ुकुशिमा परमाणु संयंत्र से रोडियोधर्मी लीक के बाद जर्मनी में मार्च में ही सात पुराने परमाणु संयंत्रों को बंद कर दिया गया था. अब वे स्थायी तौर पर बंद रहेंगे
  • अब ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि देश की ऊर्जा ज़रूरतों को अक्षय ऊर्जा - पवन और सौर ऊर्जा से पूरा किया जाएगा.

     6 अरब डॉलर और 80 साल लगे  एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र को नष्ट करने के लिए..................

    जर्मनी में एक उम्र बढ़ने की परमाणु ऊर्जा संयंत्रों समाप्ति की प्रक्रिया 16 वर्ष और डॉलर के अरबों दुर्घटना और अभी भी पूर्ण नहीं की तुलना में अधिक जगह ले ली.

    परमाणु पूर्वोत्तर Lubmin में जर्मनी में सोवियत संघ द्वारा बिजली संयंत्र जब क्षेत्र जर्मन क्षेत्रीय लोकतांत्रिक गणराज्य बनाया गया था. के बाद बर्लिन की दीवार 1989 में ध्वस्त हो गई, सरकार के आदेश दिए संयंत्र बंद कर दिया, कह रही है यह पश्चिमी मानकों से असुरक्षित है.

    लोगों को 1994 के बाद से संयंत्र Lubmin नष्ट करने लगे.

    कारखाने में श्रमिकों की सुरक्षा के कपड़े.

    उच्च दबाव पानी के जेट विमानों का उपयोग करते हुए श्रमिक को नष्ट करने के लिए.

    विशेषज्ञों की गणना है कि संयंत्र के निराकरण की लागत 3.3 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है.

    रेडियोधर्मी तरल evaporates के बाद, यह रेडियोधर्मी कीचड़ छोड़ देता है.

    कारखाना समाप्ति अभी भी वैज्ञानिक हलकों में एक विवादास्पद विषय है. कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि सरकार सील रिएक्टर होना चाहिए और फिर उन्हें समाप्ति से पहले एक और अधिक कुछ दशकों प्रतीक्षा करें.

    नियंत्रण कक्ष में उपकरण.

    नाई को लोहे के छोटे टुकड़े, और संयंत्र में सुरक्षा निगरानी रेडियोधर्मिता का सही स्तर में कटौती युक्ति बाईं तरफ तस्वीर को देखा.

    रेडियोधर्मी कचरे एक दो अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के बराबर क्षेत्र के साथ एक इमारत में निहित है. हमारे भविष्य अभी भी अब तक एक बड़ा सवाल है.

    संयंत्र की रेडियोधर्मिता का स्तर तक तो इतना बड़ा है कि सरकार को पूरी तरह से एक कम समय नष्ट नहीं करना चाहता. तो यह की पीड़ा को 50-70 साल के लिए पिछले जाएगा.

    स्रोत- ०(VNEX से)
     त्रियोड़ो
     . कॉम 

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